
भारत की प्रतिष्ठित ग़ैर-लाभकारी संस्था ‘Foundation to Educate Girls Globally’, जिसे आमतौर पर ‘Educate Girls’ के नाम से जाना जाता है, को 2025 का रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड मिला है। यह संस्था भारत की पहली ऐसी गैर-सरकारी संस्था बन गई है जिसे यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला है।
गाँव की बच्चियों को शिक्षा का हक़ दिलाना
Educate Girls का मकसद है भारत के पिछड़े और ग्रामीण इलाकों में लड़कियों की शिक्षा, कौशल विकास, और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना।
2007 में शुरू हुई इस संस्था ने अब तक 18 लाख से अधिक बच्चियों को स्कूल में दाख़िला दिलाया है।
आज यह संस्था राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के 29,000+ गाँवों में सक्रिय है।
सफीना हुसैन की सोच ने बदली सोच
इस संस्था की स्थापना की है सफीना हुसैन ने, जो खुद संस्था की बोर्ड मेंबर हैं।
उनका कहना है:
“यह अवॉर्ड उस बच्ची की जीत है जिसने परंपराओं को तोड़ा और स्कूल का रास्ता अपनाया।”
हाल ही में उन्हें London School of Economics से मानद डॉक्टरेट भी दी गई है।
क्यों मिला Ramon Magsaysay Award?
रेमन मैग्सेसे फ़ाउंडेशन ने संस्था को यह सम्मान इन वजहों से दिया:
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लड़कियों को शिक्षा से जोड़ना
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सामाजिक बंदिशों और लैंगिक भेदभाव को चुनौती देना

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युवा महिलाओं को हिम्मत, कौशल और आत्मनिर्भरता देना
यह अवॉर्ड उन्हें “Empowering Rural Girls through Education” के लिए मिला है।
बाकी विजेता कौन हैं?
2025 के अन्य मैग्सेसे अवॉर्ड विजेता हैं:
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शाहीना अली (मालदीव): समुद्री जीवन और पर्यावरण की रक्षा के लिए
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फ्लावियानो एंटोनियो एल. विलनुएवा (फिलीपींस): ज़रूरतमंदों और ग़रीबों की सेवा के लिए
भारत के लिए गर्व का पल!
यह सम्मान न केवल Educate Girls की उपलब्धि है, बल्कि पूरे भारत के उस जन आंदोलन की पहचान है जो शिक्षा और समानता की ओर बढ़ रहा है।
एक छोटी सी शुरुआत अब वैश्विक प्रेरणा बन गई है।
अगर आप भी समाज में बदलाव लाना चाहते हैं, तो यह कहानी आपके लिए एक प्रेरणा है।
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